AGAR INSAN SAARI ZINDAGI IBADAT KARTA RAHA

*आमाले ज़िन्दगी*  

💫 अगर इंसान सारी ज़िन्दगी इबादत करता रहा और उसका अक़ीदा खराब है तो उसकी नमाज़ , रोज़ा , हज्ज, व ज़कात तमाम आमाल बरबाद हैं .....

आमाल के लिये ज़रूरी है कि अक़ीदा दुरुस्त हो ....

क्यों की _____________ अक़ीदा खराब है तो सब कुछ खराब है ...
याद रखो सुन्नी मुसलमानों ! 
कभी *वहाबी* की लम्बी दाढ़ी पे मत जाना , कभी *देवबन्दी हरामी* की नमाज़ों पे मत जाना ......

क्यों कि_____________ *इस्लाम में नमाज़ है ,नमाज़ में इस्लाम नहीं...*

*इस्लाम में दाढ़ी है , दाढ़ी में इस्लाम नहीं...*

*इस्लाम में अमामा सुन्नत है , हरी सफेद या लाल पगड़ी में इस्लाम नहीं ...*

👉🏽  *🌹अगर सुन्नी मुसलमान हो तो जो ईमान की जान हैं मेरे आक़ा *(सल्ललाहु अलैह वसल्लम )* उनके जो भी गुस्ताख़ हैं उनसे *रिश्ता , नाता* तोड़ना पढ़ेगा ......

क्यों कि____________ *आक़ा* से मोहब्बत के लिये ज़रूरी है और हमें तो हमारे *आला हज़रत* ने बता दिया ...... कि_____

*तुझसे और जन्नत से क्या मतलब वहाबी दूर हो ,*

*हम रसूल अल्लाह के जन्नत रसूल अल्लाह की..*

👉🏽✔ *रद्दे वहाबियत से रोकने वाला शैतान है , खब्बीस है.*

*【 फतावा रज़विया , जिल्द 9 , सफह 182 】*

💫 अब जो *आला हज़रत* को मानने का ढोंग करते हैं वो अपने गिरेबान में झांक कर देखें 💫

*अल्लाह!* हम सबको अमल की तौफ़ीक़ दे , अक़ीदा मज़बूत बनाये और गुस्ताखे *नबी* यानी *वहाबी , देओबन्दरों* से हमें बचाये ....

*आमीन ______सुम्मा______आमीन*

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